Noida Bus || Charging Stations || PPP Model || Noida Authority || UP News: नोएडा में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इसी सप्ताह ट्रायल शुरू होने की संभावना है। पहले चरण में 15 जून तक 100 बसों को सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। क्या है ये PPP मॉडल बसों के सुचारु संचालन के लिए सेक्टर-90 डिपो और बॉटेनिकल गार्डन बस टर्मिनल पर कुल 24 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह पूरी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित होगी, जिससे प्राधिकरण पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। निजी कंपनी ही चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के साथ उनका संचालन और रखरखाव भी करेगी। एक समय में 40 बसें चार्ज सेक्टर-90 में 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां एक समय में 40 बसें चार्ज हो सकेंगी। वहीं बॉटेनिकल गार्डन में 4 स्टेशन होंगे, जिनसे 8 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। एक चार्जिंग पॉइंट पर एक साथ दो बसें चार्ज होंगी और पूरी चार्जिंग में लगभग दो घंटे का समय लगेगा। योजना के तहत शहर में इलेक्ट्रिक कारों के लिए भी चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके अलावा कंपनियों को विज्ञापन अधिकार दिए जाने की भी संभावना है। 500 बसों का है टारगेट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के बाद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में भविष्य में 500 बसों के संचालन की योजना है। पहले चरण में 100 बसें, जिनमें 10 डबल डेकर बसें भी शामिल हैं, यात्रियों को बेहतर सुविधा देंगी। बसें हर 15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी और करीब 2 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। ये भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट से सफर होगा आसान, दिल्ली-देहरादून तक सीधी बसें, ऐप कैब और शटल सेवा तैयार